ट्रिपल तलाक मामले की याचिकाकर्ता इशरत जहां BJP में शामिल, बोलीं- मुस्लिम महिलाओं के लिए लड़ रहे हैं PM मोदी

17

कोलकाताः तीन तलाक बिल लोकसभा में पास हो गया है. तीन तलाक के खिलाफ जंग लड़ने वाली याचिकाकर्ताओं में से एक प्रमुख याचिकाकर्ता इशरत जहां भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गईं हैं. बीजेपी की पश्चिम बंगाल इकाई के महासचिव सायंतन बसु ने यह जानकारी दी. बसु ने बताया कि इशरत ने हावड़ा स्थित बीजेपी कार्यालय में पार्टी जॉइन की. इस दौरान तीन तलाक के खिलाफ झंडा बुलंद करने के लिए इशरत जहां को सम्मानित भी किया गया.

इशरत जहां ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य बीजेपी नेता मुस्लिम महिलाओं के लिए लड़ रहे हैं, ऐसे में अब वह भी बीजेपी का समर्थन करने के लिए पार्टी से जुड़ गई हैं. सायंतन बसु ने बताया कि इशरत जहां को सम्मानित करने के लिए राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन होना बाकी है. गौरतलब है कि तीन तलाक मामले में इशरत जहां पांच याचिकाकर्ताओं में से एक हैं. बीते गुरुवार को लोकसभा में कई घंटों चली बहस के बाद ट्रिपल तलाक बिल पास हो गया. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस बिल का विरोध कर रहा है.

कौन हैं इशरत जहां?
इशरत जहां पश्चिम बंगाल के हावड़ा की रहने वाली हैं. 30 वर्षीय इशरत ने तीन तलाक के खिलाफ अगस्त 2016 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. इशरत ने कोर्ट को बताया कि 2001 में उसका निकाह हुआ था. साल 2014 में उसके पति ने दुबई से ही फोन पर उसे तलाक दे दिया. इशरत के चार बच्चे हैं जो उसके पति के पास हैं. याचिका में इशरत ने बच्चों को उसे वापस दिलाने की मांग की. इशरत ने बताया कि उसके पति ने दूसरी शादी कर ली है. इशरत ने याचिका में कहा कि तीन तलाक गैरकानूनी है. यह मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का हनन करता है.

SC ने तीन तलाक को बताया असंवैधानिक
पांच याचिकाकर्ताओं (जिनमें इशरत जहां भी शामिल थीं) की सुनवाई पर 22 अगस्त, 2017 को सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों की संवैधानिक पीठ में से तीन जजों ने तलाक-ए बिद्दत यानी ट्रिपल तलाक को असंवैधानिक करार दिया. जिसके बाद बीते गुरुवार केंद्र सरकार ने मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक-2017 को लोकसभा में पेश किया और इसे बिना किसी संशोधन के पास भी करवा लिया. तीन तलाक बिल पास होने से इशरत बेहद खुश हैं. वर्तमान में इशरत हावड़ा में पिलखना स्थित मकान में रहती हैं. यह मकान उनके पति ने शादी के बाद मिली दहेज की रकम से खरीदा था. इस मकान में उनके पति के बड़े भाई और परिवार के अन्य लोग भी रहते हैं.