आधे बीजेपी सांसदों से नाखुश मोदी-शाह,2019 में कट सकती है टिकट

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23 मार्च, 2017 को पार्टी मुख्‍यालय में भाजपा के संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह। (Photo: PTI)

पार्टी के कई नेता इस ओर इशारा करते हैं कि मोदी और शाह की जोड़ी बिहार और उत्‍तर प्रदेश के सांसदों से ज्‍यादा खफा है। भाजपा चाहती है कि वह नए और चमकदार चेहरों संग अगले साल होने वाले चुनाव में उतरे।

भारतीय जनता पार्टी अपने वर्तमान लोकसभा सांसदों में से लगभग 50 प्रतिशत का टिकट काट सकती है। पार्टी इस बारे में कोई फैसला सांसदों की अपने क्षेत्र और सदन में परफॉर्मेंस तथा सोशल मीडिया पर उपस्‍थ‍िति के आधार पर लिया जाएगा। ‘द वीक’ से बातचीत में एक वरिष्‍ठ भाजपा नेता ने कहा, ”दोनों, प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) और पार्टी अध्‍यक्ष (अमित शाह) सांसदों के प्रदर्शन का आंकलन कर रहे हैं। वे सबसे खुश नहीं हैं। परफॉर्मेंस के आधार पर उम्‍मीदवारों का चुनाव होगा।”

पूर्वी भारत में भाजपा की चुनावी रणनीति में अहम भूमिका निभाने वाले इस नेता ने बताया कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में पार्टी के शीर्ष नेतृत्‍व के साथ सांसदों से मुलाकात की थी। जहां उन्‍होंने स्‍पष्‍ट रूप से कहा था कि जिन्‍होंने परफॉर्म नहीं किया, वे अगली बार टिकट की आस न लगाएं। पार्टी ने 2019 के चुनावों के लिए उम्‍मीदवारों के चयन की योग्‍यताएं तय कर दी हैं।

बीजेपी नेताओं के अनुसार, वरीयता उन्‍हें दी जाएगी जिन सांसदों ने अपने क्षेत्र में अच्‍छा काम किया है, केंद्रीय प्रोजेक्‍ट्स को लोकसभा क्षेत्र में बेहतर ढंग से लागू कराया हो और सोशल मीडिया पर बेहद एक्टिव हों। सोशल मीडिया में दक्ष होने का मतलब इन प्‍लेटफॉर्म्‍स पर कई लाख फॉलोअर्स होने से है। एक नेता ने कहा, ”सोशल मीडिया पर जिनकी बड़ी फॉलोइंग है वे जरूर अपने क्षेत्र में लोकप्रिय हैं।”