ममता बनर्जी से मिले शत्रुघ्‍न सिन्‍हा, तीसरे मोर्चे के संकेत

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शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने बुधवार (28 मार्च) को यशवंत सिन्‍हा और अरुण शौरी के साथ ममता बनर्जी से मुलाकात की

शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने दिल्‍ली में बीजेपी के दो वरिष्‍ठ नेताओं और पूर्व केंद्रीय मंत्रियों यशवंत सिन्‍हा और अरुण शौरी के साथ पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की। ममता नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों को एकजुट करने के लिए दिल्‍ली आई हुई हैं

अभिनेता से नेता बने भाजपा सांसद शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने पार्टी के दो अन्‍य वरिष्‍ठ नेताओं यशवंत सिन्‍हा और अरुण शौरी के साथ पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की। भाजपा नेता ऐसे समय में ममता से मिले हैं जब वह दिल्‍ली प्रवास के दौरान वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों को देखते हुए विरोधी दलों को एकजुट करने में जुटी हैं। भाजपा के ये तीनों नेता नरेंद्र मोदी सरकार की कई मौकों पर आलोचना कर चुके हैं। ऐसे में आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए ममता से उनकी इस मुलाकात को महत्‍वपूर्ण माना जा रहा है। शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर भी महत्‍वपूर्ण बयान दिया है। भाजपा नेता पूर्व में भी नरेंद्र मोदी के राजनीतिक विरोधियों से मुलाकात करते रहे हैं। नी‍तीश कुमार ने भाजपा से नाता तोड़ कर जब लालू यादव से हाथ मिलाया था उस वक्‍त भी बीजेपी सांसद ने नी‍तीश से मिलने से परहेज नहीं किया था। ममता बनर्जी ने 10 जनपथ जाकर UPA प्रमुख सोनिया गांधी से भी मुलाकात की

लोकेशन वही होगा, सिचुएशन कुछ भी हो: ‘टाइम्‍स नाउ’ से बात करते हुए उन्‍होंने स्‍पष्‍ट किया कि लोकेशन वही होगा, सिचुएशन कुछ भी हो। भाजपा से टिकट मिलने के सवाल पर उन्‍होंने कहा कि पिछली बार (वर्ष 2014) भी मुझे टिकट न मिलने की बात कही जा रही थी, लेकिन मुझे मिला था। इस बार भी कुछ ऐसा ही कहा जा रहा है। शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने कहा कि उनके जीत का मार्जिन बहुत ज्‍यादा था तो ऐसे में मुझे टिकट क्‍यों नहीं देंगे? उन्‍होंने स्‍पष्‍ट किया कि उन्‍हें पटना की जनता पर बहुत विश्‍वास है। शत्रुघ्‍न सिन्‍हा पटना साहिब से चुनाव लड़ते रहे हैं।

शत्रुघ्‍न बोले ‘दीदी’ से मिलने में क्‍या हर्ज: शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने ममता बनर्जी से मुलाकात पर महत्‍वपूर्ण बयान दिया। उन्‍होंने कहा, ‘वह (ममता बनर्जी) मेरा बहुत सम्‍मान करती हैं। राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर ममता दीदी के नाम से जानी जाती हैं तो ऐसे में दीदी से मिलने में क्‍या हर्ज है?’ भाजपा सांसद ने पार्टी के ही वरिष्‍ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्‍हा को बड़ा भाई बताया है। उन्‍होंने व्‍यवहार और प्रदर्शन में बदलाव की भी बात कही।

रास्‍ते अलग-अलग हों, मंजिल एक होनी चाहिए: भाजपा से अलग होने के सवाल पर शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने कहा कि रास्‍ते अलग-अलग हों, लेकिन मंजिल एक होनी चाहिए। बीजेपी सांसद ने कहा, ‘मैं यहां जनता, समाज और महान देश की सेवा करने के लिए आए हैं। मैं यह काम बीजेपी में रह कर या किसी दूसरी पार्टी में जाकर या निर्दलीय के तौर पर करूं…इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। रास्‍ते अलग भी हो सकते हैं। कई बार शादी चलती है तो कई बार तलाक भी हो जाता है। इसका मतलब यह तो नहीं कि आप पति या पत्‍नी पर पूरा ब्‍लेम डालेंगे। कई बार परिस्थितियां ऐसी बन जाती हैं। पति-पत्‍नी की बात तो बाहर नहीं की जा सकती है। ऐसे में पार्टी की बात बाहर तो की नहीं की जा सकती है। इस सरकार (मोदी सरकार) के आने के पहले दिन से ही मेरे साथ बुरा बर्ताव किया जाने लगा।’